सच की एक आवाज गिरफ्तार करोगे, हजार पैदा होंगे, फैक्ट चेकर जुबैर की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी का ट्वीट

फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत कई नेताओं ने जुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है.

राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी की नफरत, कट्टरता और उनके झूठ को उजागर करने वाला हर शख्स उनके लिए खतरा है. सच की आवाज उठाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार करने पर हजार और सामने आएंगे. अत्याचार पर हमेशा सत्य की विजय होती है.

हादसा

सच की पड़ताल करने वाले अच्छे नहीं लगते- अखिलेश

जुबैर की गिरफ्तारी की यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा नेता अखिलेश यादव ने भी निंदा की है. उन्होंने शायर के जरिए कहा,’अच्छे नहीं लगते हैं उन झूठ के सौदागरों को सच की पड़ताल करने वाले… जिन्होंने अपनी आस्तीन में हैं पाले, नफरत का जहर उगलने वाले’.

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ओवैसी ने की गिरफ्तारी की निंदा

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी की निंदा की है. उन्होंने कहा कि मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है. उन्हें बिना किसी नोटिस के किसी अज्ञात FIR में गिरफ्तार किया गया है. यह प्रक्रिया का उल्लंघन है. दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए ओवैसी ने कहा कि दिल्ली पुलिस मुस्लिम विरोधी नरसंहार के नारे लगाने वालों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाती है, लेकिन अपराध की रिपोर्ट करने वाले और मिस इंफॉर्मेशन का मुकाबला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है.

किस केस में किया गया है गिरफ्तार?

मोहम्मद जुबैर पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगा है. दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने सेक्शन 153 ए और 295 ए के तहत उन्हें अरेस्ट किया है. उन पर सोशल मीडिया (twitter) के जरिए धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है.

बता दें कि धारा 153 दंगा करने के इरादे से किसी को उकसाने या दंगा करने पर लगाई जाती है. वहीं, 295 ए किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का जानबूझकर अपमान करने पर लगाई जाती है.

बता दें कि स्पेशल सेल ने पुराने मामले में जुबैर को पूछताछ के लिए बुलाया था. पुलिस जुबैर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने जा रही है. ताकि पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मांगी जा सके. पुलिस का दावा है कि पर्याप्त सबूत होने के बाद ही मोहम्मद जुबैर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है.

दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक जुबैर को केस नंबर 194/20 में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. लेकिन केस नंबर 172/22 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया. बता दें कि मोहम्मद जुबैर अपने पार्टनर प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर एक फैक्ट चेक वेबसाइट चलाते हैं.

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